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पितृदोष निवारण पूजन | Pitradosh Niwaran Pujan

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पितृदोष निवारण पूजन | Pitradosh Niwaran Pujan

नवम पर जब सूर्य और राहू की युति हो रही हो तो यह माना जाता है कि पितृ दोष योग बन रहा है। व्यक्ति की कुण्डली में एक ऎसा दोष है जो इन सब दु:खों को एक साथ देने की क्षमता रखता है, इस दोष को पितृ दोष के नाम से जाना जाता है। इस दोष का निवारण नितान्त आवश्यक होता है ।

प्राचीन काल से ही स्त्री और पुरुष दोनों के लिये यह सर्वाधिक महत्वपूर्ण संस्कार है। वेदाध्ययन के बाद जब युवक-युवती में सामाजिक परम्परा निर्वाह करने की क्षमता व परिपक्वता आ जाती है तो उसे गृर्हस्थ्य धर्म में प्रवेश कराया जाता है।

Key Insights :

Our Promise :

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पूजन सामग्री

  • कुबेर जी को बिठाने के लिए चौकी
  • चौकी पर बिछाने के लिए लाल कपडा
  • जल कलश
  • पंचामृत
  • रोली  और मोली
  • लाल चन्दन
  • सिन्दूर
  • लाल फूल और माला
  • कुबेर जी को बिठाने के लिए चौकी
  • चौकी पर बिछाने के लिए लाल कपडा
  • जल कलश
  • पंचामृत
  • रोली  और मोली
  • लाल चन्दन
  • सिन्दूर
  • लाल फूल और माला
  • कुबेर जी को बिठाने के लिए चौकी
  • चौकी पर बिछाने के लिए लाल कपडा
  • जल कलश
  • पंचामृत
  • रोली  और मोली
  • लाल चन्दन
  • सिन्दूर
  • लाल फूल और माला

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