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तुला-दान | Tula Daan

तुला-दान | Tula Daan

दान का शाब्दिक अर्थ है – ‘देने की क्रिया’। सभी धर्मों में सुपात्र को दान देना परम् कर्तव्य माना गया है। हिन्दू धर्म में दान की बहुत महिमा बतायी गयी है। आधुनिक सन्दर्भों में दान का अर्थ किसी जरूरतमन्द को सहायता के रूप में कुछ देना है। अपने वजन के बराबर किसी भी वस्तु को दान में देना तुला-दान कहलाता है।

प्राचीन काल से ही स्त्री और पुरुष दोनों के लिये यह सर्वाधिक महत्वपूर्ण संस्कार है। वेदाध्ययन के बाद जब युवक-युवती में सामाजिक परम्परा निर्वाह करने की क्षमता व परिपक्वता आ जाती है तो उसे गृर्हस्थ्य धर्म में प्रवेश कराया जाता है।

Key Insights :

Our Promise :

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पूजन सामग्री

  • कुबेर जी को बिठाने के लिए चौकी
  • चौकी पर बिछाने के लिए लाल कपडा
  • जल कलश
  • पंचामृत
  • रोली  और मोली
  • लाल चन्दन
  • सिन्दूर
  • लाल फूल और माला
  • कुबेर जी को बिठाने के लिए चौकी
  • चौकी पर बिछाने के लिए लाल कपडा
  • जल कलश
  • पंचामृत
  • रोली  और मोली
  • लाल चन्दन
  • सिन्दूर
  • लाल फूल और माला
  • कुबेर जी को बिठाने के लिए चौकी
  • चौकी पर बिछाने के लिए लाल कपडा
  • जल कलश
  • पंचामृत
  • रोली  और मोली
  • लाल चन्दन
  • सिन्दूर
  • लाल फूल और माला

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