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काल-सर्प दोष शान्ति | Kalsarp Dosh Shanti

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काल-सर्प दोष शान्ति | Kalsarp Dosh Shanti

जब कुंडली में राहु और केतु के मध्य में सारे ग्रह आ जाते हैं तब कुंडली में कालसर्प योग बनता है। कालसर्प योग दो शब्दों को मिलाकर बना है। इसमें पहला शब्द है काल, यानि मृत्यु और दूसरा शब्द है – सर्प, जिसका तात्पर्य सांप से है। कुंडली में कालसर्प योग के प्रभाव से व्यक्ति को मानसिक कष्ट सहना पड़ता है और इसके प्रभाव से मुक्त होने के लिये कालसर्प योग पूजन होता है।

प्राचीन काल से ही स्त्री और पुरुष दोनों के लिये यह सर्वाधिक महत्वपूर्ण संस्कार है। वेदाध्ययन के बाद जब युवक-युवती में सामाजिक परम्परा निर्वाह करने की क्षमता व परिपक्वता आ जाती है तो उसे गृर्हस्थ्य धर्म में प्रवेश कराया जाता है।

Key Insights :

Our Promise :

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पूजन सामग्री

  • कुबेर जी को बिठाने के लिए चौकी
  • चौकी पर बिछाने के लिए लाल कपडा
  • जल कलश
  • पंचामृत
  • रोली  और मोली
  • लाल चन्दन
  • सिन्दूर
  • लाल फूल और माला
  • कुबेर जी को बिठाने के लिए चौकी
  • चौकी पर बिछाने के लिए लाल कपडा
  • जल कलश
  • पंचामृत
  • रोली  और मोली
  • लाल चन्दन
  • सिन्दूर
  • लाल फूल और माला
  • कुबेर जी को बिठाने के लिए चौकी
  • चौकी पर बिछाने के लिए लाल कपडा
  • जल कलश
  • पंचामृत
  • रोली  और मोली
  • लाल चन्दन
  • सिन्दूर
  • लाल फूल और माला

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